भाव पूछना और बिक्री होना अलग बातें हैं
ग्राहक WhatsApp पर कई सामान का भाव पूछता है, लेकिन मात्रा अभी तय नहीं है। ग्राहक चुनें और कैटलॉग से उत्पाद जोड़ें या बारकोड स्कैन करें। कोटेशन में कीमत और मात्रा एक जगह रखें, ताकि हर बदलाव पर पुरानी चैट से हिसाब दोबारा न बनाना पड़े।
ग्राहक का ऑर्डर, सप्लायर का खरीद आदेश नहीं
ऑर्डर लंबित ग्राहक अनुरोध को सहेजता है और बाद में संपादित किया जा सकता है। इससे स्टॉक रिज़र्व नहीं होता, डिलीवरी तय नहीं होती और अग्रिम भुगतान का प्रबंधन नहीं होता। कोटेशन या ऑर्डर, दोनों आपकी पुष्टि के बाद सीधे बिक्री में बदल सकते हैं। सामान्य स्टॉक और भुगतान की जांच तब भी लागू रहती है।
वैधता और रिमाइंडर अलग चुनें
कोटेशन की वैधता बताती है कि प्रस्ताव कितने दिन के लिए है। निजी रिमाइंडर बताता है कि आप कब फिर बात करना चाहते हैं। इसलिए समाप्ति से पहले का समय भी चुन सकते हैं। ऑर्डर में भी रिमाइंडर लगाया जा सकता है। व्यवसाय का नाम और लोगो वाला PDF बनाकर पहले प्रीव्यू जांचें, फिर फोन से साझा करें।
